मेरा काम है चलना ..चलना...और चलते ही रहना ...
मुसाफिर रास्तों पे घर बनाया नही करते ...!!
माना के इस चौराहे पे खड़े इक अरसा हो गया है ..
हम इंतज़ार करने वाले हैं ..चौराहों पे उम्र बिताया नहीं करते ..!!
तुम्हे यह शिकायत है के हम तुमसे दोस्ती नही करते ...
जिन्हें मंजिल की दूरी का एहसास हो ..
वो सफ़र में रिश्ते बनाया नहीं करते ..!!
में परिंदा हूँ..मेरा कोई पक्का घर नहीं है ..
जिनके आशियाने बारिश या किसी तूफ़ा के मोहताज हों
वो अपनी अमीरी पे कभी इतराया नहीं करते...!!
अफ़सोस के तुम भी समझते हो के ..
मुझे मंजिल का पता नहीं है ..
हमसफ़र होने वाले...यूं' अंदाज़े लगाया नही करते..!!
बेशक के यहाँ रुकना मेरी मजबूरी थी ..
पर मेरी हिम्मत किसी की मोहताज नही है ..
लम्बी उड़ान वाले परिंदे ..
हर दूसरी शाख पे बैठ जाया नहीं करते ..!!!
क्या हुआ .. तुम भी तोह मेरे साथ
इसी मंजिल के सपने देखा करते थे ...
दो तीन दफा गिर गए और वहीँ पे घर बना लिया..
मंजिल पाने वाले सपनों को यूं बेच आया नहीं करते ...!!
मुसाफिर रास्तों पे घर बनाया नहीं करते
हम इंतज़ार करने वाले हैं..चौराहों पे उम्र बिताया नहीं करते ...!!!
jin raston po chalte ho wahaan naye musafir milenge zaroor lekin jo purane musafir jinhone hamesha saath diya unko saath leke bhi chalne mein koi bhoj nai hain, tum shaayad yeh nai dekh pa rhe ki chahe tumhari manzil aur jagah jitni baari badli har baari purane bando ne saath bhi diya chahe tumne kitni koshishein karli unse peecha chudane ki... So Cling on to few people that consider you as a vital part in their life rather than losing out on them cos definitely there will be moments where amidst the crowd you might feel lonely and then it is them you will miss the most but maybe its just too late then. In today's world, to have even one genuine friend is a blessing! tkcr
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