Tuesday, 30 July 2013

वो जब से आशिक हुआ है

वो जब से आशिक हुआ है
सवाल शिकायत नहीं करता
परेशां करने पे परेशां नहीं होता
कहता है किसी से अब नफरत नहीं करता
मोहब्बत के फायदे हैं तो नुक्सान भी होंगे
इतना भरा है, के मोहब्बत की भी बात नहीं करता 

न उसका नाम लेता है, न उसका ज़िक्र करता है
ज़माने से महफूज़ रखता है, पर कैद नहीं करता
जब खुद परिंदा है तो उसे उड़ने से क्यूँ रोके
और कोई डर होता भी है, उसके आगे ज़ाहिर नहीं करता
बहुत जलता है अन्दर ही अन्दर इस बात को लेकर
उसके काबिल नहीं है
यह ज़िक्र भी उसके खातिर नहीं करता
जब से आशिक हुआ है
सवाल शिकायत नहीं करता 

परेशां करने पे परेशां नहीं होता
कहता है किसी से अब नफरत नहीं करता 

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