वो जब से आशिक हुआ है
सवाल शिकायत नहीं करता
सवाल शिकायत नहीं करता
परेशां करने पे परेशां नहीं होता
कहता है किसी से अब नफरत नहीं करता
कहता है किसी से अब नफरत नहीं करता
मोहब्बत के फायदे हैं तो नुक्सान भी होंगे
इतना भरा है, के मोहब्बत की भी बात नहीं करता
इतना भरा है, के मोहब्बत की भी बात नहीं करता
न उसका नाम लेता है, न उसका ज़िक्र करता है
ज़माने से महफूज़ रखता है, पर कैद नहीं करता
ज़माने से महफूज़ रखता है, पर कैद नहीं करता
जब खुद परिंदा है तो उसे उड़ने से क्यूँ रोके
और कोई डर होता भी है, उसके आगे ज़ाहिर नहीं करता
और कोई डर होता भी है, उसके आगे ज़ाहिर नहीं करता
बहुत जलता है अन्दर ही अन्दर इस बात को लेकर
उसके काबिल नहीं है
यह ज़िक्र भी उसके खातिर नहीं करता
उसके काबिल नहीं है
यह ज़िक्र भी उसके खातिर नहीं करता
जब से आशिक हुआ है
सवाल शिकायत नहीं करता
सवाल शिकायत नहीं करता
परेशां करने पे परेशां नहीं होता
कहता है किसी से अब नफरत नहीं करता
कहता है किसी से अब नफरत नहीं करता
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