खुमारी बहुत देर पैसे की अच्छी नहीं साहिल
मुकद्दर मिजाज़ बदलने में देर नहीं करता
नियामतों का दौर अभी बाकी है,
नशे से बाहर आजाओ....
वो शहंशाह को कलंदर करने में देर नहीं करता
अमीरी तेवर दिखाती है
इख़लाक़ भूल जाती है।
शोहरत लुटाने वाला ज़माना
बे-हिचक बे आबरू करने में देर नहीं करता।
मुकद्दर मिजाज़ बदलने में देर नहीं करता
नियामतों का दौर अभी बाकी है,
नशे से बाहर आजाओ....
वो शहंशाह को कलंदर करने में देर नहीं करता
अमीरी तेवर दिखाती है
इख़लाक़ भूल जाती है।
शोहरत लुटाने वाला ज़माना
बे-हिचक बे आबरू करने में देर नहीं करता।
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